स्वतंत्रता दिवसक सत्तैरम् वर्षगाँठ पर श्रेष्ठ एवं महान भारत कें शत् कोटि नमन. - मिथिला दैनिक

Breaking

रविवार, 14 अगस्त 2016

स्वतंत्रता दिवसक सत्तैरम् वर्षगाँठ पर श्रेष्ठ एवं महान भारत कें शत् कोटि नमन.

"स्वतंत्रता दिवसक सत्तैरम् वर्षगाँठ पर श्रेष्ठ एवं महान भारत कें शत् कोटि नमन"
**********************************

स्वतंत्रता दिवसक सत्तैरम् (70) वर्षगाँठक पावन एवं पुनीत अवसर पर शुभकामना प्रेषित करैत अपार आनंदक अनुभूतिक संग-संग श्रेष्ठ एवं महान भारतक भव्य निर्माण हेतु संकल्पित भऽ गौरवक अनुभव कऽ रहल छी । भारतक प्रत्येक नागरिक राजनैतिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक अधिकार के प्राप्त करैत; सामाजिक आओर आर्थिक उन्नतिक सुरक्षा सँ सुरक्षित हो, एहि संकल्प कें जीबंत बनेबाक हेतु राष्ट्रक सर्वांगीण विकासक मूल-मंत्र कें संकल्पित विचारधाराक आश्रय सँ गौरव प्रदान करबाक उन्मुक्त प्रयास वस्तुतः स्वतंत्र भारतक मूल भावना कें प्रतिष्ठा प्रदान करैत अछि । नमन, वंदन एवं स्तवन करी ओहि राष्ट्रनायक महापुरुष एवं देशभक्त स्वतंत्रता सेनानी कें जिनक सामूहिक आओर व्यक्तिगत सत्प्रयास तथा बलिदान सँ सैकड़ों बरखक गुलामीक गहन अन्हरगुप्पी सँ मुक्त होइत नवीन उत्साह, ऊर्जा आ आलोकित मुक्तता कें अनुभव करैत, राष्ट्रक चेतना कें समुज्जवल बनाय जन, गण केर मऽन मे स्वयं भाग्य विधाताक निर्माणक हेतु अधिनायक स्वरूप प्रदान कयलनि ।

राजनैतिक स्वतंत्रता प्राप्तिक उपरांत अनेकों प्रकारक विकास सँ जुड़ल "राष्ट्र नव निर्माण"क कार्य सम्पादन हेतु कल्याणकारी योजनाक कार्यान्वयनक सफल प्रयास भेल एवं सम्प्रति भऽ रहल अछि । विषम एवं विपरीत परिस्थिति उत्पन्न भेला उपरान्तहुं राष्ट्र विकासक पथ पर अग्रसर अछि । परन्तु सम्पूर्ण आजादीक लक्ष्य मात्र अधिकार प्राप्त कयला सँ नञि बल्कि प्रत्येक नागरिक कें सामाजिक एवं राजनैतिक व्यवस्था मे प्रायोगिक सहभागिताक सम्मिलित समायोजन सँ संभव भऽ सकैत अछि । सरकार द्वारा प्रदत्त कार्य-योजनाक लाभ प्रत्येक नागरिक कें सहज रूप सँ सुलभ हो संगहि स्वस्थ वातावरणक आलोक मे, कार्य नियोजनक व्यवस्था पारदर्शी स्वरूप मे लक्षित हो, एहि प्रकारक प्रावधानक कार्यान्वयन सँ राष्ट्रक उन्नति श्रेष्ठता कें प्राप्त कऽ सकैत अछि ।

आउ, पुनः स्वतंत्रता दिवसक एहि पवित्र अवसर पर श्रेष्ठ राष्ट्र निर्माणक संकल्प कें मुर्त्तरूप मे परिवर्तित करबाक सत्प्रयासक संग-संग सर्वश्रेष्ठ नागरिक हेबाक गौरव के गौरवान्वित करी । बिना कोनो भेदभाव कें राष्ट्रक सर्वांगीण विकासक लक्ष्य कें सफलतापूर्वक प्राप्त करबाक अथक प्रयास करी जाहि सँ चतुर्दिक विकास सँ राष्ट्र वैभवशाली बनय । जय श्री हरि ।

जय हिन्द ! जय भारत !! जय मिथिला !!!
***********************************