बिहनि कथा (स्वार्थ) - वी०सी०झा"बमबम" - मिथिला दैनिक

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गुरुवार, 21 जुलाई 2016

बिहनि कथा (स्वार्थ) - वी०सी०झा"बमबम"

कनियाँ कनियाँ छी यऽई रामखेतारी वाली ? लाल काकी फटकी लग ठाढ़ भय हॉक देलखिन !

रामखेतारी वाली :- आबौथ आबौथ फटकी फूजले छैइक ! आबौथ बैसौथ इ तऽ कहियो अयबो नहि करैत छथि !

लालकाकी :- कि आयब घरे आँगन संऽ पलखति नहि भेटैत अछि ! सबहक निमेरा करैत -करैत समय कोना बीत जाइत अछि से बूझबो नहि करैत छियैक !

परंच आब तऽ पूतहु सब भेलनि तखन एतेक लटाहरम किआक छैन्ह ? आब तऽ बैस कऽ खयती - पीती की सब दिन - - - - ? रामखेतारी वाली बाजल !

कि लाल काकी धूर जाउ पूतहु सब - - - ! जेठकी तऽ काजूल अछि मूदा ओ ईस्कूल चलि जायत अछि आ थाकल - मारल अबैत अछि तांय ओकरा नहि करऽ दैइत छियै ! आ छोटकी पाय वला  निचहा खंदानक बेटी छियहि ओकरा बड़की संऽ बरका ऐन लागल छैइक कहैत छैइक जखन जेठकी किछ नहि करैत छहि तखन हम किआ करब ओकर तीनाटा धियो - पूता खाय छय हमर सैंयो परदेशे रहय अछि !

परच कनियाँ अहाँ'क बड्ड नाउ सुनलहु अछि ! सगर गांउ मे अहाँ चर्चा'क विषय बनल छी जे रामखेतारी वाली साउस - ससुर'क बड्ड सेवा करैत अछि !

हँऽ काकी आब बूढ़ - सूढ़ पाकल आम जकाँ भेलखिन हम सब सेवा नहि करबैन तखन के करतनि ?
रामखेतारी वाली प्रत्युत्तर मे बजली !

ताहि पर लालकाकी चट संऽ यऽई कनियाँ हमरा जूनि पढ़ाउ , आब हमरा ५२ बर्ख एहि गाम मे बसना भऽ गेल सब कैंऽ चिन्ह कऽ बैसल छी बिनु स्वार्थे कियो ककरहु एक लोटा पानि तक तऽ देबे नहि करैत छैइक आ सेवा - - ? अहाँ ककरा दैन'क पैर केलहु नाय - - , हमरहि संगे अथि क बैसलहु कि ना - - - - ?

( लाल काकी'क इ तुक्का बड्ड सटीक प्रहार भेलय )

तहि पर रामखेतारी वाली इ जखन बुझिते छथिन तखन हिनका संऽ कोन लाथ मुदा कतहु बजयथिन नहि , जे बेटा - पुतहु बेसी सेवा करतैन तकरा २ कट्ठा घरारी आ ५ कट्ठा खेत बेसी लिख देथिन !

बेस आब बजलहु ने असली गप ! लाल काकी इ कहि विदाह भेली संवाद बटवाक लेल - - - - - !

वी०सी०झा"बमबम"
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