मैथिली महायात्रा आ रक्तदान कार्यक्रम - मिथिला दैनिक

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सोमवार, 5 जनवरी 2015

मैथिली महायात्रा आ रक्तदान कार्यक्रम



मिथिलांचल महासभा द्वारा आयोजित मैथिली महायात्रा ४ जनबरी केँ होटल रिलेशन केर सभागार मे भव्यतापूर्वक सम्पन्न भेल। कानपुर सँ सांसद तथा भाजपाक वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता डा. मुरली मनोहर जोशी केर जन्मदिनक पूर्व-संध्या पर आयोजित एहि कार्यक्रम मे सामाजिक सरोकार आ मानव-सेवा प्रति जिम्मेवारीक वहन करैत आयोजक संस्था द्वारा रक्तदानक कार्यक्रम सेहो राखल गेल छल। रोटरी क्लब - कानपुर संग सहकार्य करैत सभागारक बाहर रक्तदान कैम्प लगाओल गेल। विदित हो जे मिथिलांचल महासभा अपन स्थापनाकालहि सँ समाज प्रति पूर्ण संवेदनशील रहि विभिन्न तरहक मानव-सेवाक कार्य करैत आबि रहल अछि। एहि मे फ्री मेडिकल कैम्प, विकलांग लेल ट्राइ-साइकिल वितरण, असहाय परिवार पर अचानक आयल कोनो आफत-विपत्तिक घड़ी सहायक बनि मानवीय सहयोग देनाय, आर्थिक रूप सँ विपन्न बाल-बालिकाक समुचित शिक्षा लेल प्रयास आदि विभिन्न सामाजिक कार्य करबाक पैघ सूची अछि।
        मैथिली-मिथिला प्रति योगदान देनिहार विभिन्न शहर-नगर मे बसनिहार प्रवासी मैथिल लोकनिक परिचय केँ संग्रह करबाक उद्देश्य सँ कैल जा रहल मैथिली महायात्राक पड़ाव कानपुर मे 'मैथिली, मैथिल के प्रति सिनेह एवं एकजुटता' आ 'प्रवासी मैथिलक राजनैतिक अधिकार' पर परिचर्चा गोष्ठीक संग कविता पाठ, भगवती गीत तथा सहभोज सँ समापन कैल गेल। मिथिलांचल महासभाक संस्थापक अध्यक्ष तथा कानपुर मैथिल समाजक अग्रणी श्री रवि नाथ मिश्र केर अध्यक्षता मे लगभग ५ घंटा तक चलल परिचर्चा कार्यक्रम मे विभिन्न ठाम सँ पधारल विद्वान्, अभियानी, नेतृत्वकर्ता, कवि सहित स्थानीय विज्ञजनक नीक सहभागिता देखल गेल। मैथिलक सम-सामयिक अवस्था पर आधारित रहबाक कारणे श्रोतावर्ग शालीनता सँ वक्ता लोकनिक सब बात केँ सुनलैन।
     किसलय कृष्णक कुशल ओ विशिष्ट मंच संचालन सँ चलि रहल कार्यक्रम मे प्रमुख अतिथि प्रो. ज्योति किरण (प्राध्यापक, विमेन्स कालेज, कानपुर) द्वारा दीप-प्रज्वलन तथा हरेराम झा द्वारा गाओल गोसाउनि गीत सँ सभा आरंभ भेल। कार्यक्रम प्रभारी (संयोजक) अनिल झा द्वारा स्वागत-मन्तव्यक संग विषय प्रवेश करबैत मिथिलांचल महासभाक विगत मे कैल गेल विभिन्न मूल्यवान् सेवा सहित भविष्य मे मैथिल केँ अधिकार संपन्न बनेबाक लेल राजनैतिक सामर्थ्य सँ परिपूर्ण बनेबाक लेल संघर्ष जारी रखबाक बात स्पष्ट कैल गेल। ओ अपन प्रखर वाणी सँ समस्त मैथिल समाजकेँ आह्वान कयलनि जे जाबत हमरा लोकनि अपना आप केँ राजनैतिक पद आ पावर सँ परिपूर्ण नहि करब, बाहरी दुनिया हमरा सबकेँ मोजर नहि देत। मुस्लिम वोट बैंक केर उदाहरण दैत ओ मैथिल वोट केर परिकल्पना पर विचार केन्द्रित केलनि। एहि लक्ष्य केर प्राप्ति तखनहि संभव होयत जखन हम सब सशक्त एकजुटता सँ अपन नेता अपनहि बनायब। दुनियाक कोनो राजनैतिक शक्ति मैथिल केँ पाछू नहि कय सकैत अछि जँ हमरा लोकनि एकसूत्री कार्यक्रम चलाबी, अपन समाजक लोक मे कथमपि राजनैतिक लड़ाई मे धोखा नहि दय बस एक स्वर मे आवाज लगाबी। काफी भावुकता सँ भरल विचार सब रखैत श्री झा इहो कहलैन जे कोना लोक अपन मूल घर-द्वारि छोड़ि कतहु शहर मे अबैत अछि, कोन तरहें ओकरा पर ओहिठामक स्थानीय समाजक लोक बिहारी कहिकय वा आन-आन तरहें दुत्कार-फटकार दैत छैक, तथापि अपन माटि-पानि-भाषा-संस्कृतिक प्रसादे कोना एक मैथिल प्रवास पर सेहो अपन जीवटतापूर्ण संघर्ष सँ अपना केँ स्थापित करैत अछि आ आब बेर आबि गेल छैक जे प्रवासी मैथिल केँ अपन राजनैतिक अधिकार प्रति पूर्ण साकांछ रहैत अधिकारसंपन्न बनय। आब कानपुर मे मैथिल केर एतेक अधिकार बनैत छैक जे कुल ७ विधायक मे सँ ३ विधायक मैथिल बनय, कानपुर नगरक मेयर मैथिल बनय, मैथिल बाहुल्य क्षेत्रक वार्ड कमिश्नर मैथिलहि केँ चुनल जाय आ विभिन्न राजनीतिक दलक मात्र मुखौटा वोटबैंक नहि बनि मैथिल ओहि दलक नीतिकार आ पदवीधारी अधिकारी सेहो बनय। मुह ताकयवला समय सँ आब मैथिल ऊपर आबि चुकल अछि। सब तरहें मैथिल मे ई सामर्थ्य छैक जाहिक आधार पर ओ राजनैतिक सामर्थ्य केँ हासिल कय सकैत अछि। एहेन उर्जावान् आ सशक्त घोषणा सुनि उपस्थित जनमानस बेर-बेर तालीक गुंज सँ स्वागत करैत देखायल। एहि उद्घोषणाक तुरन्त बाद बाल गायक निकेतन द्वारा भगवतीक गीत गाबि दर्शक-श्रोताकेँ मंत्रमुग्ध कय देल गेल।
           तदोपरान्त मैथिली महायात्राक उद्देश्य तथा कानपुर धरि अयबाक अनुभूति पर प्रवीण नारायण चौधरी द्वारा सभाकेँ संबोधन कैल गेल। पूर्व वक्ताक भावुक प्रस्तुति सँ अभिभूत प्रवीण सेहो हुनकहि समस्त बातकेँ बल दैत कानपुरवासी सँ अपील कयलनि जे हनुमानी शक्ति जे बिसरायल अछि तेकरे पुनर्स्मृति मे अनबाक लेल ईश्वरीय कृपासँ ई यात्रा आइ कानपुर आबि गेल अछि। कानपुर सहित भारत ओ नेपालक विभिन्न शहर मे मैथिलक जे उपस्थिति अछि ताहिक बले आब मैथिल पुत्र विधानसभा आ संसद भवन तक पहुँचय लागल छथि। मिथिलाक हालत बदतर अछि, ताहि दिशा मे सोराज केर सिद्धान्त टा कारगर होयत। ताहि लेल सेहो आब प्रवासी मैथिल केँ जिम्मेवारी वहन करय पड़तनि। ब्रजस्थ मैथिलक उदाहरण दैत ओ सभा सँ यैह अपील कयलनि जे पहिचानक विशिष्टताक प्रथम आधार भाषा प्रति उदासीनता दुखद अछि। मैथिली भाषा मे सृजनशील कार्य करबाक परंपराक निर्वाह कैल जाय। जहिना मैथिली अन्तो-अन्त तक संविधान द्वारा सम्मानित भेल तहिना मिथिला सेहो सम्मानित हेबाक चाही।
       क्रमश: विषय तथा महायात्राक उद्देश्य पर विभिन्न वक्ता द्वारा सारगर्वित संबोधन कैल गेल। परिचर्चा तखन फेर रंग पकैड़ लेलक जखन दिल्ली सँ यात्रा मे आयल मिथिला राज्य निर्माण सेनाक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर नाथ झा द्वारा मैथिली आ मिथिला लेल कैल जा रहल युवा प्रयास पर प्रकाश देल गेल, संगहि इहो स्पष्ट कैल गेल जे एक रतिक इगो कतेक घातक बनि सकैत अछि आ कोना कोनो सार्थक कार्यकेँ पटरी सँ उतारि सकैत अछि। लोक देवी-देवता केँ पूजा डरे करैत अछि जे जँ पूजा नहि करब तऽ अनिष्ट होयत। तहिना आइ राजनीतिकर्ता एहि डरक सिद्धान्त पर काज करैत अछि जे जँ कोनो खास समुदाय वा भाषाभाषी वा क्षेत्रक लोक केर बात नहि मानब तऽ वोट कटि जायत। मैथिल केँ ई आत्मसात करबाक चाही जे आपसी विखंडन सँ मैथिलक डर केकरो नहि होइत छैक आ यैह कारण सँ आइ मैथिल केर अधिकार संविधान द्वारा सम्मान नहि पाबि सकल अछि। अपन सुन्दर अनुभव केर वर्णन प्रस्तुत करैत ओ आह्वान कयलनि जे हम सब दोसराक पैर पूजा कम करी, अपन भाषाभाषीक नेताकेँ आगू बढाबी आ एकजुटता आर विषय मे हो नहि हो, राजनीतिक विषय मे सबहक स्वर एक रहबाक चाही। एहि लेल दोसर किछु नहि, बस अपन इगोकेँ हम सब कम करी।
गवर्नमेन्ट कालेजक प्राचार्य प्रो. पंकज चौधरी एहि आयोजन प्रति हर्षक अनुभूति प्रकट करैत स्वयं बहुत दिन सँ एहि मौकाक प्रतीक्षा करबाक उद्गार व्यक्त केलनि। मात्र पेपर मे पढि संतोष कय लैत छलहुँ, मुदा आइ प्रत्यक्ष मैथिल द्वारा आयोजित मैथिली महायात्रा कार्यक्रम मे सहभागी बनि प्रवासी मैथिल रहितो स्वयं मिथिले मे रहबाक अनुभव कय रहल छी। एहि तरहक कार्यक्रम निरंतरता मे रहत तऽ स्वत: परिस्थिति निर्माण होइत रहतैक, आ हम सब फेर सँ अधिकारसंपन्न बनबे टा करब। मिथिलांचल महासभाक उपाध्यक्ष देवेन्द्र झा अपन संबोधन मे 'संघे शक्ति कलियुगे' सिद्धान्त पर सबकेँ एकजुट बनबाक आह्वान केलनि। संगहि प्रवासी मैथिल दुइ प्रकारक होइत अछि, एक मैथिलीभाषी आ एक गैर-मैथिलीभाषी, एहि दुनु केँ जोड़बाक बात पर ध्यान देबाक आवश्यकता अछि, तखनहि संघ मजगुत बनत। अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली परिषदक महासचिव प्रेमकान्त झा सभा मे कने देरी सँ पहुँचलाक कारणे केवल अपन मनक बात राखि मिथिला राज्यक आवश्यकता आ मैथिली भाषाक प्रयोग पर जोर देलनि। समाधान लेल मैथिलीक अपन मिडिया आ मैथिली पढाई लेल सिबिएसई कोर्स मे विषय रखबाक बात पर प्रकाश देलनि। ओ अपन आलोचनात्मक अंदाज मे सभा मे बैसल जोरदार भाषण देनिहार लोक सब सँ सेहो ईमानदारी सँ मैथिली केँ स्वीकारबाक माँग केलनि। दिनेश झा, राधा बल्लभ झा व कानपुर मैथिल समाजक अनेको अगुआ लोकनिक सुन्दर उपस्थिति आ संबोधन सभाक विशेषता रहल।
     तहिना मिथिला राज्य निर्माण सेनाक संस्थापक अध्यक्ष हेमन्त झा द्वारा सेहो राजनीतिक लड़ाई कोन आधार पर लड़ल आ जितल जा सकैत अछि तेकर सुन्दर चित्रण प्रस्तुत कैल गेल। आर कतहु मतभिन्नता हो, मुदा मिथिला राज्य लेल आ मैथिलक राजनैतिक अधिकार लेल एकजुटताक आवश्यकता केँ मनन करी। सरस्वतीक धनी मैथिल लक्ष्मी केँ प्रसन्न किऐक नहि कय पबैत छथि। विखंडित समाज द्वारा कहियो अधिकारसंपन्नता प्राप्त नहि भेलैक अछि, तैँ एकजुटता पर सब कियो निरंतर कार्य करी। मैथिली महायात्रा कार्यक्रम आइ जोड़बाक कार्य कय रहल अछि। मिथिला राज्य निर्माण सेनाक कोषाध्यक्ष तथा नीतिकार संजीब सिन्हा द्वारा एक सँ बढि कय एक प्रेरक उदाहरण दैत संघर्ष लंबा समय धरि करबाक बात पर जोर देलनि। हुनक कहब छल जे बस एकटा ज्ञापन कतहु देला सँ ओ माँग पूरा होयत से जरुरी नहि छैक, ओकर प्रक्रिया छैक आ ताहि मे हमरा सबकेँ बेर-बेर प्रयास करहे टा पड़त। जन-आन्दोलन मे जन-जन केर सहयोगक आवश्यकता पर ओ जोर दैत रहलाह। कौशल कुमार संबोधन करैत कहला जे आइ मैथिल पलायन जेहेन खतरनाक वन-वे-स्ट्रीट मे यात्रा करबाक लेल बाध्य अछि। पलायन तखनहि रुकत जखन प्रवासी संपन्न मैथिल एहेन रास्ताक निर्माण करैथ जाहि सँ पलायन रुकय। विकासक परिस्थिति आइ बाहरे बसल सक्षम आ सामर्थ्यवान मैथिल द्वारा बनि सकैत अछि।
कानपुर युवा मैथिल केर प्रतिनिधित्व करैत मनोज कुमार द्वारा युवा-जागृति पर जोर देल गेल। ओ कहलनि जे हम सब योजनाबद्ध तरीका सँ अपन पहिचान, भाषा, संस्कृति आ एकजुटताक लेल काज कय रहल छी। आब चुप नहि रहब, अधिकार लेबे टा करब। तहिना दिल्ली सँ आयल 'नशा मुक्त मिथिला' केर संस्थापक विक्की ठाकुर द्वारा संबोधन मे कहल गेल जे जँ दहेज मिथिला समाजक लेल साँप छी तऽ नशा समाज लेल जहर छी। साँपक समाधान संभव छैक, मुदा ओकर बिख चढि गेलाक बाद समाधान कठिन छैक। एहि अभियानक कार्य किनको निजी जीवन मे प्रवेश करबाक कदापि नहि मुदा नशाक असर सँ समाजकेँ मुक्त करबाक एहि अभियान मे समाजक सबहक सहभागिता जरुरी छैक। एहि लेल कानपुर समाज सँ सेहो सहयोग भेटत एहि अपेक्षा केँ ओ प्रकट केलैन। मैथिली गीतकार विमल जी मिश्र सेहो दिल्ली सँ आबि एहि यात्रा मे सहभागी बनलाह आ दहेज लेनिहारक पत्नी आ बिन लेनिहारक पत्नी कोन तरहें अपन पति ओ परिवार संग व्यवहार करैत अछि तेकरा लयात्मक प्रस्तुति मे रखलनि।
      मिथिला मिरर केर संपादक ललित नारायण झा मैथिल समाज सँ वर्तमान युग अनुरूप महिलाक सहभागिता बढेबाक बात पर जोर देलनि। उपस्थित जनसमूह मे महिलाक सहभागिताक उदाहरण दैत ओ कानपुर समाजकेँ आइना देखबैत अपन पत्नी सहित ओहि समस्त महिलाक उदाहरण देलनि जे आइ पढि-लिखि सब तरहक फैशन आ मिशन मे आगाँ छथि। मैथिलानी कतहु सँ कमजोर नहि छथि आ ई बात मिथिलावासीक परंपरावादी समाजकेँ आत्मचिन्तन करबाक चाही। तहिना ओ अपन मन्तव्य मे मैथिली सिखेबाक दायित्व माता-पिता पर रहबाक बात कहलनि। भले धिया-पुता अंग्रेजी माध्यम सँ किऐक नहि पढि रहल हो, ओकरा काउ माने गाय मैथिली मे होइत छैक सेहो पता हेबाक चाही। पापा बापे केँ कहल जाइत छैक ई बात हम सब अपन बच्चा केँ जरुर सिखा सकैत छी। माता-पिताक गुणे धिया-पुताक बाढि होइत छैक, संस्कार जेहेन देबैक वैह आगाँ देखब। जे मैथिली नहि सिखबैत छथि ओ स्वयं २० वर्षक बाद परिणाम भुगतय लेल तैयार रहैथ। एहि तरहें मिथिला मिरर द्वारा कैल जा रहल मैथिली ओ मिथिला प्रति विभिन्न योगदान तथा एहि मे सबहक सहयोगक आवश्यकता पर जोर दैत आगामी समय मे सेहो स्वयं प्रतिबद्ध रहैत सेवा करैत रहब ओ अपन भावना व्यक्त केलनि।
           अन्त मे अध्यक्षीय संबोधन करैत मिथिलांचल महासभाक संस्थापक अध्यक्ष श्री आर एन मिश्र समस्त संबोधन-भाषण केँ ध्यान सँ सुनि आ मनन करबाक उपरान्त एक्कहि बात पर जोर देलनि जे वर्तमान कानपुर मैथिल समाजक हित सर्वोपरि अछि, जाहि लेल मिथिलांचल महासभाक स्थापना ओ केलनि। एहि मे सब नि:स्वार्थ भावना सँ मात्र सेवा करैत अपन पहिचान आ आत्मसम्मानक रक्षा लेल आगू बढि गेल छथि। कियो गैर-मैथिल नेता संग फोटो खिचाबय मे गर्वक अनुभूति करैत छथि ताहि सँ बहुत नीक जे स्वयं मे स्थित ओहि विशिष्टताकेँ जगाउ जे आन-आन लोक अहाँक संग फोटो खिचाबय मे गर्वक अनुभूति करैथ। अपन निज जीवनक एक अविस्मरणी उदाहरण रखैत ओ स्मृति मे अनलाह जे कोना हुनक पिता कानपुर मे पुरोहिताइ करेबा समय एक व्यवसायीक घर हुनकर सोझें अपमानित भेल छलाह, जेकरा ओहि समय तँ ओ मजबूरी मे वर्दास्त कय लेने छलाह, मुदा बाद मे अपन संकल्प-शक्ति सँ नौकरी नहि करबाक प्रण करैत व्यवसाय शुरु केनाय आ ओहि अपमान केनिहार व्यवसायीक पुत्र केँ अपन फर्म मे बारह वर्ष नौकर बनाय रखबाक विलक्षण आ अति-प्रेरणादायक जोशीला उद्धरण सभाक समक्ष प्रस्तुत केलनि। अपन संस्थाक युवा आ उर्जावान् शक्ति अनिल झा तथा अध्यक्ष अमित झा केँ दायाँ आ बायाँ हाथ कहैत ओ वचन देलनि जे बस काज करू आ एहि मे नकारात्मक शक्तिक कोनो गिनती नहि कैल जायत। अनिल झा केर उर्जा केँ आ काज करबाक प्रतिबद्धताकेँ आत्मसात करैत ओ एहि मुहिम मे आजन्म आगाँ रहबाक सेहो वचन देलनि। समाजक हर वर्गक लोक केँ आगू आबि मिथिलांचल महासभाक उद्देश्यक संग डेग बढेबाक आह्वान सेहो केलनि। कानपुर मैथिली, मिथिला आ मैथिल लेल सदैव तत्पर रहत आ कानपुरक हरेक समाज संग सहकार्य करैत एहि ठामक विकासक संग मूल मिथिला लेल सदैव अग्रगामी भूमिकाक निर्वाह करत।
      आयोजक संस्था मिथिलांचल महासभाक अध्यक्ष श्री अमित झा द्वारा आगन्तुक अतिथि तथा समस्त सहभागी सभासद लोकनिकेँ हृदय सँ आभार प्रकट करैत धन्यवाद ज्ञापन केलनि। अपन संछिप्त संबोधन मे कानपुरक आयोजन बहुत कम समय मे एतेक गंभीर होयबाक सत्यकेँ साक्षात् दर्शन कय आह्लादित हेबाक बात कहलनि। तदोपरान्त सभाध्यक्षक आदेश सँ महाकवि विद्यापतिक स्मृति करैत प्रवीण नारायण द्वारा 'उगना रे मोर कतय गेलाह' आ 'कहल सुनल सब क्षेमा करियौ यौ बैद्यनाथ' गाबि संपूर्ण दर्शक-श्रोताकेँ भाव-विभोर बनायल गेल।

    मैथिली महायात्राक कार्यक्रमक संग रक्तदान कैम्प मे लगभग ४० गोटा अपन रक्तदान केलनि। रोटरी क्लब अफ कानपुर केर सेहो सक्रिय सदस्य तथा ऐगला सत्रक अपेक्षित अध्यक्ष मिथिलांचल महासभाक अध्यक्ष अमित झा केर सृजनशील प्रयास सँ एहि महान मानवीय कार्यकेँ निष्पादन कैल गेल। कार्यक्रम मे लगभग ५ बजे अत्यन्त गरिमामयि उपस्थितिक संग डा. मुरली मनोहर जोशी द्वारा कार्यक्रम सराहना कैल गेल, ५ जनबरी हुनक जन्मदिनक उपलक्ष्य आयोजित कार्यक्रम मे सेहो मिथिलांचल महासभाक उपस्थिति लेल आमंत्रणाक संग मैथिली भाषा जेना संविधान मे हुनक दल भारतीय जनता पार्टी स्थापित केलक तहिना मिथिला राज्य केँ सेहो स्थापित करबे करत। एहि लेल विशेष कार्यदल द्वारा समुचित गृहकार्य कैल जा रहल रहस्य सेहो प्रकट कैल गेल। समस्त अभियानी केँ अपना संगे सोफा पर बैसाय फोटो सेशनक संग बेर-बेर डा. जोशी द्वारा मैथिली-मिथिला प्रति शुभकामना संदेश देल गेल। भविष्य मे सेहो मिथिलांचल महासभा एहेन गौरवपूर्ण कार्यक्रम करैत रहबाक अपेक्षा रखैत सभा सँ विदाइ लेलनि।
        आगन्तुक अतिथि लोकनि केँ जहिना आरंभ मे पाग, बैज आ माला सँ सम्मान कैल गेलनि, तहिना अन्त मे 'मिथिलांचल महासभा अंकित स्मृति चिह्न'क संग दोपटा दऽ के अनन्तकाल धरि आयोजित मैथिली-महायात्रा-कानपुर केँ मोन राखबाक अनुपम संदेश देल गेल। कार्यक्रमक अन्त एक भव्य सहभोज सँ भेल। समस्त श्रोता-दर्शक आ आगन्तुक अतिथि लोकनि एक संगे मिथिलाक पारंपरिक शैली मे भोजक रसास्वादन करैत सभाक समापन कैल गेल।

प्रवीण नारायण चौधरी
कानपुर उत्तर प्रदेश