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चीनक लेखक "मो यान (लेखकीय नाम मो यान, वास्तविक नाम गुआन मोये) " केँ साहित्य लेल २०१२ क नोबल पुरस्कार देल जेतन्हि, स्वेडिश एकेडमी ११ अक्टूबर २०१२केँ ई घोषणा केलकप्रेस कॉनफेरेन्समे कहल गेल जे "मो यान" लोकगाथा, इतिहास आ समकालीन घटनाक मिलनसँ जागल अवस्थाक आभासी(जागल अवस्थाक स्वप्न)वास्तविकताकेँ चित्रित करैत छथि। मो यान पहिल चीनक नागरिक छथि जिनका साहित्य लेल नोबल पुरस्कार देल जेतन्हि
पूर्वी चीनक शाण्डोंग प्रान्तमे हिनकर जन्म भेलन्हि, मो यान (१९५५- ) क माता-पिता किसान छलखिन्ह। जखन ओ १२ बर्खक रहथि तखन सांस्कृतिक क्रान्तिक बाद हुनका स्कूल छोड़ि पहिने खेती आ फेर फैक्ट्रीमे काज करऽ पड़लन्हि। फेर ओ “जन स्वतंत्रता सेना”मे चलि गेला, हुनकर पहिल लघुकथा १९८१ ई. मे प्रकाशित भेलन्हि।
ओ अपन लेखनमे अपन युवावस्था आ अपन जन्मस्थलीक वर्णन करै छथि, जेना “रेड सोर्घम- लाल ज्वार”मे, ऐपर फिल्म सेहो बनल, डकैती, जापानी कब्जा आ बोनिहारक दुखद स्थितिक ऐमे विवरण अछि।
उपन्यासक अतिरिक्त हुनकर लघुकथा सभक संग्रह प्रकाशित छन्हि। मो यानक कहब छन्हि जे एकटा महान उपन्यास लिखल जाएब अखन बाकी अछि।
समारोह १० दिसम्बरकेँ हएत। पुरस्कारमे ८० लाख क्रोनर (स्वेडन) देल जाइत अछि जे लगभग दस लाख डॉलर (अमेरिका)क बराबर अछि।

(चित्र साभार विकीपीडिया)

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