उठाऊ नए सजनी घुंघटा@प्रभात राय भट्ट - मिथिला दैनिक

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गुरुवार, 8 दिसंबर 2011

उठाऊ नए सजनी घुंघटा@प्रभात राय भट्ट



लग आबू नए सजनी प्राण प्रिया
अहांक सूरत देखैला फाटेय हिया
केस लागैय कारी बादलक घटा सन
देह लागैय  बिजुली  केर  छटा सन
हौले हौले उठाऊ नए सजनी घुंघटा //
मुह  देखीमें  देब  रेशम  कय दुपटा //२

लग आबू नए सजनी प्राण प्रिया
अहांक सूरत देखैला तडपैया  जिया
आजुक राईत गोरी अछि खास यए
मोनमे लागलअछ मिलनक प्यास यए
हमरा गलामे गोरी गलहार द दिय //
अई बदलामे हिरा केर हार ल लिय//२ 

लग आबू नए सजनी प्राण प्रिया
अहांक सूरत देखैला तरसैय अंखिया
लाज  सरम गोरी   किया करैतछी
हम तें  सजनी  अहिं  पैर मरैतछी
लग आबू नए सजनी प्राण प्रिया//
आन बुझु नए हम छी आहंक पिया//२
रचनाकार:-प्रभात राय भट्ट

हे यौ मीता आई बड़का कमाल भोगेलैय//
हमर सारीक देख हाटमे  बबाल भोगेलैय//२
जर जुवान  हुए  चाहे  छौराछेबारी
सभ  कियो  रहे परल हिनकेय पछारी
देख हिनक चालढाल गाल गुलाबी
पाछु पैरगेलैय तिन चाईरगो सराबी

हे यौ मीता आई बड़का कमाल भोगेलैय//
हमर सारीक देख हाटमे  बबाल भोगेलैय//२
नजैर घुमा जखने केलकै छेड़खानी
इआद पाड़ीदेलकै हमर सारी नानी
हाथ पईर तोईर पियादेलकै पानी
जेना बुझी सारी हमर झाँसिक रानी

हे यौ मीता आई बड़का कमाल भोगेलैय//
हमर सारीक देख हाटमे  बबाल भोगेलैय//२
देख हिनक ठोरक लाली कनक बाली 
छौरा कहलकै  बईनजो हमर घरवाली  
उठिगेलई सारीक तामस बड जोर
माईर माईर तोईर देलकै पोर पोर

हे यौ मीता आई बड़का कमाल भोगेलैय//
हमर सारीक देख हाटमे  बबाल भोगेलैय//२
नहीं जाने कोन चकिक खाईछई आंटा
चलबै छई छौरा सभ पैर जोरक चांटा
सिखने छै सारी हमर कम्पू कराटे काटा
लूचा लफंगा देकते करैछई बाई बाई टाटा

रचनाकार:-प्रभात राय भट्ट