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(आलु कोबी मिरचाई यै,
कि लेबै यै दाय यै / दाय यै )-२

कोयलख कए आलु,राँची कए मिरचाई यै
बाबा करता बड ,बड़ाई यै / बड़ाई यै
आलु कोबी - - - - - - -दाय यै

नहि लेब तs कनी देखियो लियौ
देखए कए नहि कोनो पाई यै / पाई यै
आलु कोबी - - - - - - - - दाय यै

दरभंगा सँ अन्लौंह विलेतिया ई कोबी
खाय कs तs कनियाँ बिसरती जिलेबी
कोयलख कए आलु ई चालु बनेतै
धिया-पुता कए बड ई सुहेतै
राँची सँ अन्लौंह मिरचाई यै
कि लेबै यै दाय यै / दाय यै

(आलु कोबी मिरचाई यै,
कि लेबै यै दाय यै / दाय यै )-२
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