0
प्यार करे के सजा बहुत नीक दैतअछि कनियाँ /
मैर जाउ त जिबै के दुआ दैत अछि दुनियां //

"मोहन जी" कोन सूरज छथि जे इलज़ाम नै सहतैथ /
मिथिला में पत्थर के भगवान बना दैत अछि दुनिया //

इ जख्म प्यार के देखब नै ककरो /
आनि क पूरा बाजार सजा दैत अछि दुनिया //

किस्मित पर नाज़ नै करू मिथिला वाशी /
हाथ के लकीर मिटा दैत अछि दुनिया //

शादी के बाद मारे के उपाय करे अछि कनियाँ /
जिबे के उपाय सिखा दैत अछि दुनिया //

मिथिला दैनिक क' समाचार ईमेल द्वारा प्राप्त करि :

Delivered by Mithila Dainik

मिथिला दैनिक (पहिने मैथिल आर मिथिला) टीमकेँ अपन रचनात्मक सुझाव आ टीका-टिप्पणीसँ अवगत कराऊ, पाठक लोकनि एहि जालवृत्तकेँ मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय आ सर्वग्राह्य जालवृत्तक स्थान पर बैसेने अछि। अहाँ अपन सुझाव संगहि एहि जालवृत्त पर प्रकाशित करबाक लेल अपन रचना ई-पत्र द्वारा mithiladainik@gmail.com पर सेहो पठा सकैत छी।

 
#zbwid-2f8a1035