गीत -अजय ठाकुर (मोहन जी) - मिथिला दैनिक

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शुक्रवार, 18 नवंबर 2011

गीत -अजय ठाकुर (मोहन जी)

हमरा त हमर कनियाँ और सैर लुट्लक, दोसर में कहा दम छल /

"मोहन जी" के हड्डी भाल्पट्टी में टुटल, और ओतुका हॉस्पिटल बंद छल //

हमरा त नरकटिया गंज में बैसेलक, ओकर कोयला खतम छल /

हमरा फेर बैलगाड़ी में बैसेलक, कियाकी ओकर किराया कम छल //

पुरना बैलगाड़ी पर हमरा बैसेलक, ओकर पहिये ढील छल /

हमरा त डॉक्टर और चपराशी उठेलक, नर्ष में कहा दम छल //

हमरा त देशी पिया क नशा में अनलक, अंग्रेज़ी में कहा दम छल /

हमरा त रोड पर जला देलक, कियाकी आम मजरे के समय छल //