अहां घोघ नए गिराऊ सजनी हमरा देखदिय
रूप अहांक चम् चम् चम्कैय जेना चमके सितारा
देख अहांक रूप सजनी मोन भेलै हमर आवारा
अहां घोघ तर सँ मुस्की मरैय छि चौवनी
मोहिलेली मोन सजनी अहां हमर सोरहनी
चन्द्रमुखी यए मृगनयनीचानिपिटल देह पिक्वैनी
अहां घोघ नए गिराऊ सजनी हमरा देखदिय
भेलू हम घायल अहांक नजरियाकें वाण सँ
जुनी तडपपाऊ सजनी मैर ज्याब हम प्राण सँ
सोलहो श्रींगार साजल अंग अंग अहां के
करैय ईशारा हमरा मदमातल उमग अहां के
चन्द्रमुखी यए मृगनयनीचानिपिटल देह पिक्वैनी
अहां घोघ नए गिराऊ सजनी हमरा देखदिय


bad badhiya
जवाब देंहटाएंएक टिप्पणी भेजें
मिथिला दैनिक (पहिने मैथिल आर मिथिला) टीमकेँ अपन रचनात्मक सुझाव आ टीका-टिप्पणीसँ अवगत कराऊ, पाठक लोकनि एहि जालवृत्तकेँ मैथिलीक सभसँ लोकप्रिय आ सर्वग्राह्य जालवृत्तक स्थान पर बैसेने अछि। अहाँ अपन सुझाव संगहि एहि जालवृत्त पर प्रकाशित करबाक लेल अपन रचना ई-पत्र द्वारा mithiladainik@gmail.com पर सेहो पठा सकैत छी।