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अपार हर्षके संग संपूर्ण मैथिल केँ सूचित कय रहल छी जे मिथिलाके महान्‌ पारंपरिक एवं वैज्ञानिक महत्त्वके द्योतक - विवाह योग्य वर एवं कनियाके जोड़ी मिलान हेतु सुप्रसिद्ध सभागाछी जाहिठाम अनेको सम-सामयिक विषय ऊपर चर्चा सेहो कैल जैछ से जून २०-२९, २०११ में अत्यन्त भव्यता एवं आधुनिकताके संग आयोजन कैल जा रहल अछि। एहि सभामें मिथिला लगायत संपू...र्ण ग्लोबल मैथिल लोकनिक सहभागिता होयत। हलाँकि आजुक युग इन्टरनेटके अछि आ बहुत रास जोड़ी इन्टरनेटके माध्यम सऽ मिलान कैल जैछ - मुदा सौराठके जे गरिमा छैक से प्रत्यक्ष दुनू पक्ष आमने-सामने अपन-अपन पूर्ण वंशावलीके आधारपर पंजीकार, दुतीकार एवं अन्य-अन्य कुटुम्बी पक्षके मध्यस्थता सँ वैवाहिक सम्बन्ध बनयबाक निर्णय सभाकाल (सालाना १० दिन) में करैत छथि - कोनो हाही-बसाती नहि, कतहु रहु निःशंक अपन कार्य में लागल रहू आ सभामें अपन घरके विवाह योग्य वर वा कन्याके लेल उचित जोड़ी मिलान करैक लेल सभागाछी में पहुँचि जाउ।

सौराठ सभा अपन प्रसिद्ध गरिमा के पुनः प्राप्त करैय एहि सदिच्छा संगहि दहेज मुक्त मिथिलाके निर्माण हेतु सेहो आवश्यक पूर्वाधार एवं संगठन बनैक एहि धारणा संग एक विशाल विचार-गोष्ठी - सम्मान - यशगान कार्यक्रम आदि सेहो होयत। अतः अपने लोकनि सँ साग्रह निवेदन जे एहि बेरका सौराठ सभामें अवश्य भाग ली एवं मिथिला के विकास में सहयोग करी। एहि बेरक सभाके द्वारा ‘सौराठ सभाके भारतीय संस्कृतिके धरोहर’ घोषणा हेतु उद्‌घोषणा एवं बिहार सरकार, भारत सरकार तथा नेपाल सरकार के संयुक्त प्रयास सँ एहि ऐतिहासिक स्थलके विकास हेतु आम आह्वान सेहो करी - एहि सभ के लेल अपने लोकनिक विशाल उपस्थिति अनिवार्य अछि। अपन मातृभूमि आ मातृभाषा प्रति कृतज्ञता रखैत अपने लोकनि अवश्य एहि मूहिम के सार्थक बनाबी से हार्दिक अनुरोध अछि।

निष्कलंक अहि पावन धरती, धिया सिया के ई अंगना
जुनी जराऊ दहेजक आईग, अछि एक्तुल्य धिया आ ललना.


आयोजक:
सौराठ विकास समिति
दहेज मुक्त मिथिला

सहयोगी:
मैथिल ब्राह्मण महासभा, मैथिली सेवा समिति, मैथिली लेखक संघ, मैथिल ब्राह्मण समाज नेपाल, लगायत दर्जनों मैथिली-मिथिला सँ सम्बन्धित संघ-संस्था सभ।

स्थल:
सौराठ सभागाछी, सौराठ, मधुबनी, बिहार।

उद्‌घाटन:
समय ४ बजे सायंकाल, २० जून, २०११।

कार्यक्रम:
पारंपरिक वर-कन्या जोड़ी मिलानके संगहि सांस्कृतिक गोष्ठी, विचार गोष्ठी, कवि गोष्ठी, इत्यादि....

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