गजल - मिथिला दैनिक

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मंगलवार, 8 फ़रवरी 2011

गजल

हमर ठोर पर बस अहिंक नाम
चारू पहर बस अहिंक नाम


लोक मरैए अहाँक रूप देखि
सुन्दरताक जहर बस अहिंक नाम


किछु नहि बचल हमरा लग
तएँ सगरो उमर बस अहिंक नाम

नीक लगैए इ दुखक गाम हमरा
सुखक नगर बस अहिंक नाम


मोनक उत्फाल करेजक बिहाड़ि
आँखिक भमर बस अहिंक नाम