गजल-जगदानंद झा 'मनु'

टोना ओहे जे टोनै सब कए
तारी ओहे जे तारै सब कए

लेखक ओहे जे मानै मन कए
रचना सब हुनकर छूबै सब कए

कनियाँ ओहे जे भाबै बर कए
सासुर में अपना बूझै सब कए

आजुक नेता जे माने नीति नै
ठटठा आ मुक्का सहिलै सब कए

बेटा-बेटी 'मनु' नै राखे कुमन
ओ आश्रम सदिखन जीतै सब कए

(मात्राक्रम - SSSSSSSSIS)
जगदानन्द झा 'मनु'

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ