गजल

हमरा अहाँमे जे मेल छल
ओ ओहिना कोनो खेल छल

बान्हल सिनेहक हम डोरि जे
हुनका किया लागल जेल छल

पिछरल हमर डेगक की कहू
पघिलल करेजक से तेल छल

ककरो कियो किछु सुनलक कहाँ
एहन मचल रेलमपेल छल

"ओम"क करेजा सदिखन कहल
मुस्की हुनक हमरे लेल छल

(दीर्घ-दीर्घ-ह्रस्व-दीर्घ, दीर्घ-दीर्घ-दीर्घ-ह्रस्व, दीर्घ)- प्रत्येक पाँतिमे एक बेर

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