जीवन जिबाक अछी बहुत जरुरी
ठण्ड में बियर आधा, रम होय पुरी
चाहलो जेकरा पेलो नहीं ओकरा
शाधना "मोहन जी" क रहल अधूरी
मोनक बात सच नै भ पैल
किस्मत के छल नहीं मंजूरी
ह्रदय फटल देखलो हम नोर
कियो देखलैथ नै मज़बूरी
ठण्ड में बियर आधा, रम होय पुरी
चाहलो जेकरा पेलो नहीं ओकरा
शाधना "मोहन जी" क रहल अधूरी
मोनक बात सच नै भ पैल
किस्मत के छल नहीं मंजूरी
ह्रदय फटल देखलो हम नोर
कियो देखलैथ नै मज़बूरी
नीक गजल अछि...
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