ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में महिलाक प्रवेश अछि वर्जित, बाहर सँ ही करैत छैथ पूजा। - मिथिला दैनिक

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Wednesday, October 17, 2018

ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में महिलाक प्रवेश अछि वर्जित, बाहर सँ ही करैत छैथ पूजा।



भागलपूर: भागलपूर जिलाक नवगछिया केर पुनामा प्रतापनगर मंदिरक मैया केर महिमा अपरंपार थीक। एही जगह मां के प्रतिमा नञि बनाऔल जाइत अछि। ऐतैए ज्योत आओर कलशक पूजा कायल जाइत अछि। एही दुर्गा मंदिर में महिलाक प्रवेश वर्जित अछि। 
बताओल जाइत अछि कि राजा चंदेल केर वंशज प्रताप राव  1526 में पुनामा प्रताप नगर में दुर्गा मंदिरक स्थापना केने छलैथ। हिनक वंशज प्रवीण सिंह, जितेंद्र सिंह, विजयेंद्र सिंह, चन्द्र मोलेश्वरी सिंह बताबैत छैथ कि एही दुर्गा मंदिर में महिलाक प्रवेश वर्जित अछि। आखिर महिला पर प्रतिबंध कियैक अछि ? एही सवाल पर पुजारी कहलैथ कि अप्पन स्थापना काल सs ही मंदिर में तांत्रिक विधि सs पूजा कायल जा रहल अछि । एहिलेल एही मंदिर में महिलाक प्रवेश मना अछि ई ज्योत पहिल पूजा सs दशमी तक जरैत रहैत आई । विसर्जनक समय लोग सभहक भीड़ केर बीच जरैत ज्योत केर विसर्जन कायल जाइत अछि। मंदिरक पुजारी केँ कहब अछि कि कोसी नदी केर कटाव में तीन बेर कटलाक बाद 2003 में राजेंद्र कॉलोनी केर पुनामा में मंदिरक स्थापना कs पूजा शुरू कायल गेल छल। ऐतैए कामरूप कामाख्या केर तरह  तांत्रिक विधि विधान सs पूजा होइत अछि। ऐही जगह अष्टमी एवं नवमी केँ पशु केँ बलि देल जाइत अछि। नवमी केँ भैंसा(पारा) केँ सेहो बलि दैल जाइत अछि। संगैह पहिल, तेसर, पांचमी आर सातवीं पूजा केँ सेहो एगो-एगो पशु केँ बलि देल जाइत अछि।
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