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मुंबई। 21 अक्टूबर। [जितमोहन झा (जितू)] मैथिल वृन्द कने ध्यान दी, पछिला शनि दिन हम अपने सभक समक्ष "दहेज मुक्त भारत (DMB)" सँ सम्बंधित किछु खुलासा होयबाक खबैर ल'क' आयल छलहुँ। पछिला खबैर म' अपने सभ पढ़ने रही कि "दहेज मुक्त भारत (DMB)" संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनन्द झा, राष्ट्रीय सचिव श्रवण झा, राष्ट्रीय महासचिव अभिनन्दन मिश्र आओर दिल्ली इकाई केर अध्यक्ष सुनील कुमार झा अपनहि संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल मिश्र आओर राष्ट्रीय मिडिया प्रभारी मनीष चौधरी पर बहुतो रास आरोप लगेना रहथिन, जाहिकेँ अपने एहि लिंक पर पुनः पढ़ी सकैत छी। एक नजैर एम्हर देल जाऊ : खुलासा : "दहेज मुक्त भारत" संस्था द्वारा चलाओल जे रहल अभियानक पाछू भ' रहल अछि "चंदा केर धंधा"


"दहेज मुक्त भारत (DMB)" के चारो संस्थापक सदस्य द्वारा अपनहि संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल मिश्र आओर राष्ट्रीय मिडिया प्रभारी मनीष चौधरी पर लगाओल गेल आरोप क' सच वा फूईस सावित करबाक लेल मिथिला दैनिक टीम दुनू पक्षसँ बेरा - बेरी सम्पर्क केलनि, जाहिक विस्तृत जानकारी ल'क' हम आय पुनः उपस्थित छी।


चारो संस्थापक सदस्य द्वारा लगाओल गेल आरोप पर मनीष चौधरी कहलनि कि आनन्द झा दहेज मुक्त भारत क' अप्पन निजी संस्था बुझैत कैको गोट अलग मंच बनेलनि। तथापि कोर कमिटी द्वारा हुनका उपाध्यक्ष आ राष्ट्रीय पर्यवेक्षक बनाओल गेल। अहि के वावजूद ओ अलग संस्था बना काज करैत रहला। ई सभटा काज आनन्द झा संस्थापक आ अध्यक्ष बनल रहबाक लेल केला। श्रवण झा केर जानकारी आओर उपस्थिति म' कोर कमिटी द्वारा नव अध्यक्ष आ कार्यकारिणी केर चुनाव भेल छल। ओहि घरी किनको कोनो तरहक आपत्ति नहि छलैन्ह। जखन कि एकटा आपत्तिजनक पोस्ट के कारण सँ  श्रवण झा क' मंच सँ रिमूव कायल गेल। मंच सँ रिमूव कायल गेलाक बाद श्रवण झा आनन्द झा संग मिल लोक क' बदनाम करबाक कोशिश क' रहल छथि। सच बात ई अछि जे रथयात्रा केर दौरान ओ संस्था के पाई क' निजी रूप सँ खर्च केला आओर कहला जे ई पाई मुंबई पहुंच वापस क' देब जे कि हिसाब सँ स्पष्ट अहि। चारिम महीना बितलाक बादो श्रवण झा एखन धरी ओ पाई वापस नहि केला।

मनीष चौधरी के एहि बयान पर विस्तार पूर्वक चर्चा बाद म' करब, ओहिसँ पहिने श्रवण झा द्वारा जाहि आपत्तिजनक पोस्ट करबाक बात कहल गेल अछि ओ सबूत अपने सभक समक्ष पेश क' रहल छी। 

एहि पोस्ट केर कारण श्रवण झा क' मंच सँ बाहर कायल गेलनि। एहि बाबत जखन श्रवण झा सँ संपर्क केलहुँ तेँ ओ कहला की मोबाईल चालु अवस्था म' जेबी म' पड़ल छल हमरा पतों नहि चलल जे एहि तरहक कोनो फोटो पोस्ट भेल अछि। बाद म' ऐहिक लेल सार्वजानिक रुपे हम सभगोटा सँ माफी मानलहुँ तकर बादो सभकियो साजिश केर तहत हमरा बाहर क' देला। 

श्रवण झा आगू कहलनि कि मनीष जी सभ फुईस फटक गप बाजी रहल छथि। एहिठाम पाई बला कोनो बात नहि अछि, बात DMB केर स्वभिमान आओर विचारक अछि। रहल बात पाई के त' रथ यात्रा म' हमरा हाथे 55 हजार लमसम खर्च भेल, जाहिमें 9600 टाका हमरा हिसाबक रही गेल छल, जखन हिसाब भेल ओहिसँ 15 दिन पहिने हम 5000 टाका अनिल जी के दोकान पर जा क' रिटर्न क' देलहुँ। बांकि 4600 टाका हमरा ऊपर रही गेल छल जे अहि माह देवाक छल। मुम्बई के मीटिंग सँ पहिने हम अनिल भैया सँ कैको बेर कहलो भैया हमरा सभके आपस म' लड़ा  अभिनंदन जी क' हटा देलहुँ, सुनील झा क' हटवा देलहुँ, आनंद जी क' हटवा देलहुँ आखिर अपने सभक की विचार अछि ? जाहि पर ओ कहला कि हम सभ आहाँ सभ जोका मंच नहि चलायब, DMB क' ब्रहामण वादी संस्था बनायब आओर अप्पन पसंद के लोग क' सभ राज्य म' प्रमोट करब, जाहिक हम विरोध केलहुँ ऐहिक परिणाम स्वरुप सभकियो मिल साजिश केर तहत हमरो मंच सँ बाहर क' देलनि।

एहि बाबत मिथिला दैनिक टीम जखन अनिल मिश्र सँ संपर्क केलनि तेँ ओ कहलनि कि आनन्द झा आओर किछु गोटा मात्र "दहेज मुक्त भारत (DMB)"  केर संस्थापक नहि छथि। ई एकटा सामूहिक सामजिक प्रयास छल। आनन्द झा जाहि मंच केर शुरुआत केला ओ "जय मिथिला - जय मैथिली" छल। साल भरिक सामूहिक प्रयास के बाद "दहेज मुक्त भारत (DMB)" अस्तित्व म' आयल। रहल हुनका सभके हटेबाक बात त' ओ सभ आइयो "दहेज मुक्त भारत (DMB)" मंच चला रहल छथि। 

जखन "दहेज मुक्त भारत (DMB)" आगू बढ़ल तेँ आर्थिक सहयोग केर जरुरत पड़ल। लोग सभ सहयोग करबाक लेल तैयार छलथि, मुदा निजी खाता म' पाई लेब उचित नहि छल। जानकारी केर अभाव म' किछु गोटा आनन्द झा क' व्यक्तिगत रुपे पाई भेजा लागलनि। ई बात संज्ञान म' अएला पर कोर कमिटी संभावित अनियमितता आओर संस्था केर साख क' ध्यान म' राखैत एहि पर रोक लगबैत खाता खुजेबाक सलाह देलनि। सभक जानकारी म' "दहेज मुक्त भारत - वैदेही" नाम सँ बैंक खाता खोलाओल गेल। एहि खाता म' कालांतर म' रथयात्रा लेल सहयोग राशि सेहो आयल जे बैंक स्टेटमेंट म' स्पष्ट अछि। 

अपने सभक समक्ष प्रस्तुत अछि "दहेज मुक्त भारत - वैदेही" नामक बैंक खाता केर स्टेटमेंट।




अनिल मिश्र आगा कहलनि कि वैदेही नामक बैंक खाता म' आय धरी 15 - 20 गोटा मात्र 500 - 500 टाकाक स्वैकच्छिक सहयोग केलनि। मुदा वैदेही मंच 200 स' बेसी गोटाक बिआह म' सहयोग केना अछि। रहल वैदेही मंच सँ किनको हटेबाक गप तेँ जे सभ बायोडाटा नहि देलनि हुनका सभके वैदेहीक कार्यप्रणाली केर तहत हटाओल गेलनि। बायोडाटा जमा करनिहार सभके पंजीकरण नंबर द' मंच सँ हटेबाक प्रावधान अछि ताकि दोसरो सभके मंच सँ जुड़ि अप्पन बायोडाटा रखबाक मौक़ा भेटनि। 

जखन अनिल मिश्र सँ चारो संस्थापक सदस्य आनन्द झा, श्रवण झा, अभिनन्दन मिश्र आओर सुनील कुमार झा क' संस्था स' बाहर करबाक बारे म' पूछल गेल त' ओ कहलनि कि अभिनन्दन जी नबका मंच पर एखनो छथि मुदा सक्रीय नहि छथि। सुनील कुमार झा क' श्रवण झा अप्पन  व्यक्तिगत कारण सँ बाहर केलनि। श्रवण झा क' आपत्तिजनक पोस्ट करबाक लेल बाहर कायल गेलनि आओर आनन्द झा एखनहुँ कैको गोट मंच चला रहल छथि। 

एहि बाबत मिथिला दैनिक टीम मंच सँ निकालल गेल संस्थापक सदस्य सुनील कुमार झा सँ संपर्क केलनि। सुनील झा कहलनि कि हम तेँ आनन्द झा बला मेटर म' बुझी गेल छलहुँ जे ई मैटर क' उठा ओ सभ आनन्द भाई के मुंह बंद करताह आ अपन स्वार्थ सिद्धि करताह। हुनका सभक चालि छलैन हमरा चारो क' आपस म' झगडा करबेनाय, किछु हद तक हमरा सभक अज्ञानता वश ओ सभ सफलो भेलाह। हमर त' कोनो दोष नहि छल तैयो ओ सभ हमरा अपना संग नहि रखलाह, कियैक त' आदतन हम सब बात एक दोसर क' कहि दैतियैन। दुनु आदमी श्री अनिल मिश्र जी एवं श्री मनीष चौधरी जी निजी स्वार्थ क' देखैत काज क' रहल छथि आ समाज सँ सदस्यताक नाम पर 100 -100 टाका वसूल क' रहल छथि। ओ सदस्यता शुल्क अनिल जी अप्पन निजी खाता म' मंगा रहल छथि से किएक ? हमरा त' अनिल जीक मंशा ओहि दिन बुझबा म' आबि गेल जखन ओ हमरा सँ फोन पर पुछला जे आनंद जी राष्ट्रीय अध्यक्ष नही रहताह, विकल्प म' नाम बाजू, तेँ हम हुनके  नाम हुनका कहलो ओ कहला जे हम एखन बनब त' समाज कहत जे अपना बनबाक छलैन राष्ट्रीय अध्यक्ष ताहिलेल आनन्द झा केँ पद सँ हटाओल गेलनि। अनिल जी आ मनीष जीक मंशा सब दिन रहैन जे आनंद जी, श्रवन जी, आ सुनील जी आपस म' लड़ौथ अनिल जी एवं मनीष जी हमेशा कुनो ख़ास मुदा पर हमरा सभ के दिग्भ्रमित करैत रहलाह, आब स्पष्ट अछि जे अहि के पाछू हुनक निजी स्वार्थ छल। 

एहि मुद्दा पर जखन आनन्द झा सँ पूछल गेल तेँ ओ कहला कि असली जलन अनिल मिश्र क ओहि दिन सँ शुरू भेलैन जाहि दिन हमरा अप्पन एरिया म' विरार केर युवक कहि श्री धनन्जय झा द्वारा सम्मानित कायल गेल। ओहि दिन सँ अनिल जी क' रहल नहि गेलैन आओर हमरा ऊपर ओ आरोप लगेनाइ शुरू क' देला। ई गप "दहेज मुक्त भारत" महाराष्ट्र इकाई केर सभ गणमान्य लोकनि क' बुझल छैन्ह मुदा, कियो किछु बाजैत नहि छथि। अनिल मिश्र अपन बर्चस्व बनेबाक लेल कोनो भी हद तक गिर सकैत छथि।  

आय एहि "मिथिला दैनिक" केर माध्यम सँ हम सभ समाज सँ नेहोरा करैत छी जे अनिल जी जे बेचबाक लेल 3000 बायोडाटा राखने छथि ओ हमरा सभके वापस दिया दीअ, ताकि हमसभ निःस्वार्थ भाव सँ समाजक सहयोग क' सकी आओर अनिल मिश्र जे हमरा पर विदेशी स' पाई मंगेबाक आरोप लगेलनि ओ हमर एक मित्र बृजेश सिंह छथि जे मुंबई के  भाईंदर म' रहैत छथि आ नौकरी दुबई म करै छथि। ओ 1100 टाका अभ्यास पुस्तिका वितरण म'म सहयोग कने रहैथ जहि जे हम अनिल जी केर कहला पर बैनर बनेबा म' खर्च केना रही, ऐहिक अलावा कियो एको टका हमरा नहि भेजलथि। यदि कियो भेजलथि तेँ अनिल जी ओहिके सार्वजानिक करैथ। ई सभ एक साजिश केर तहत हमरा बदनाम क' रहल छथि।

आनन्द झा आगू कहलनि कि हमसभ सदिखन अनिल मिश्र आओर मनीष चौधरी जी क' गार्जन केर तौर पर देखैत ओ सभ जे किछु कहला सभ किछु म' हाँ केर सिवा नहि कहियो नहि कहलहुँ। ओ दुनू गोटा एक बड़का साजिश केर तहत हमरा चारो क' मंच सँ हटा देला ताकि ओ सभ अपना मोन मुताविक संगठन चला सकैथ। "मिथिला दैनिक" केर माध्यम सँ हम समाजक बिच किछु सबूत राखी रहल छी, ताकि अपने सभ देख सकी जे ई सभ हमरा कोन - कोन रुपए मंच बंद करबाक लेल वाध्य केलनि आओर हमरा मनीष चौधरी कोना सभ जगह सँ बाहर केलनि। 



मिथिला दैनिक टीम पछिला शनि दिन प्रकाशित खबैर केर सन्दर्भ म' अनिल मिश्र स' किछु सवाल केलनि, जे निम्न प्रकारे अछि। 

  • सवाल : अपने  सभ पर आरोप लगाओल गेल अछि कि अपने सभ अप्पन मनमानी करबाक लेल चारो संस्थापक सदस्य क' कात क' देलहुँ ?
  • जबाब : अभिनंदन झा अपन व्यक्तिगत कारण स' अभियान स' दूर छैथ। सौराठ म' एक दिन एला आ कोनो सहयोग नै देला। ई तीनू राति क' आपस म' लड़ैत रहैत छला। एक दोसर केर निष्कासन आ रीमूव स' परेशान भ' क' हम हिनका सभक संग काज करबा सँ मना क' देलहुँ। तखन मनीष जी अपन जिम्मेदारी पर हुनका अनला। कोनो संस्था म' के पहिले आ के बाद मे नहि, अपन चरित्र आ कार्यक्षमता केर कारण स्थान होयबाक चाही।
  • सवाल : अनिल जी अपनेक ऊपर आरोप अछि कि अपने नगरपालिका सँ दलालक माध्यम सँ गुमास्ता बनेलहुँ ?
  • जबाब : ओ ऐहिक किछु जबाब नहि देला। 
  • सवाल : अनिल जी अपनेक ऊपर आरोप अछि कि अपने गुमास्ता बनलाक बाद गलत तरिका स' "वैदेही" नामक बैंक खाता खुजेलो ?
  • जबाब : जखन सहयोग पूरा देश स' मंगेबाक बात आनंद झा रखला तखन एकटा खाता के जरूरत भेल। निर्णय भेल जे वैदेही नाम स' आनंद झा खाता खोलाबैथ। ओ स्टेम्प बना क' सुनील ठाकुर लग सहयोगक लेल गेला ओ मना क देलखिन। बहुत बैंक घुमलाक बादो खाता नै खुजलैन। तखन ओ हमरा लग अएला आओर कहला अहि खाता खोलाऊ। हम खाता खोला हेडक्वार्टर म' जानकारी द' देलहुँ।
  • सवाल : अपने सभ पर आरोप अछि कि अपने सभ द्वारा वैदेही मंच पर लड़का - लड़की के बायोडाला उपलब्ध करेबाक एवज म' 500 टाका मांगल गेल, जे नहि देला अपने सभ हुनका मंच सँ बाहर क' देलहुँ ?
  • जबाब : जखन आनंद झा द्वारा पर्सनल खाता नम्बर देबाक जानकारी एकटा विदेशी मैथिल द्वारा देल गेल त' हम हुनकर बचाव म' अएलहुँ आ अपना दिस स' ओ पाई संस्था क' देलहुँ। आनंद झा त' पाई वापस विदेशी खाता म' आ पुनः ओत स' वैदेही खाता म' पठेबाक बात करैत छलाह जे एखन तक नै भेल। हम ओहि पाई क' आमदनी केर रूप म' देखेलहुँ। संस्थाक बढैत खर्च क' देखैत हमसभ खर्च करबाक लेल तैयार छलहुँ, मुदा एतेक सदस्यक उपस्थिति म' खर्च एक व्यक्ति के कियैक हो? तैं ई निर्णय भेल जे वैदेही के दू टा मंचक संचालन हो एकटा निःशुल्क जतय सब आबथि। आ एकटा पंजीकृत जकर आजीवन सदस्यता 500 टाका मात्रा तय भेल। कतेक गोटे सदस्य बनला ओ बैंक स्टेटमेंट राखल जा चुकल अछि।
  • सवाल : अपने सभक ऊपर आरोप लगाओल गेल अछि कि अपने सभ संगठन के बिना पंजीकरण करेना सदस्यता अभियान चला रहल छी आओर सदस्यता अभियान सँ जमा होमै बला फंड अपनेक निजी खाता म' जमा भ' रहल अछि ?
  • जबाब : एखन जे संस्था पर कर्जा छैक से चुकेबाक लेल आ आगू कोनो काज करबाक लेल सामाजिक सहयोग के जरूरत छै। आनंद झा के समक्ष श्रवण झा द्वारा सदस्यता अभियानक शुरूआत भेल। जाहि मे आनंद झा के भाई के 35 नम्बर के आ जमाई के भाई के 34 नम्बर के बुक देल गेलैन। एखनो आनंद झा के पास रशीद बुक छैन जकरा बंँटबाक भार ओ लेने छला। तखन कोना मानल जाय? एखन तक 38 टा बुक(दस पन्ना) बांटल गेल आ एकहु टा भरि क एखन तक नै ऐल अइछ।
  • सवाल : अपने सभ पर आरोप अछि कि अपने सभ आनन्द झा द्वारा बनाओल गेल सभ ग्रुप क' हुनके हाथे बंद करा ख़ुदक नंबर सँ नवा ग्रुप बनेलहुँ, जाहि में हिनका सभके नहि जोड़लहुँ ?
  • जबाब : आनंद झा द्वारा मंचक निर्माण भेल जै मे एडमिन मे आनंद झा, कंचन झा (कनिञा), बासुकी झा (सहोदर) आ प्रकाश मिश्र (जमाई के भाई) छलथि। ई ग्रुप के देखैत हुनका व्यक्तिगत काज बंद क क मुख्यधारा मे आबक लेल कहल गेल। ओ कहबो केला जे सबटा बंद केलौ। तकरा बाद जखन पता लागल जे ई अपन चला रहल छैथ, तकरा बादक स्थिति देखि रहल छी।
खबैर सारांश : मिथिला दैथिल टीम द्वारा बेरा बेरी दुनू पक्ष सँ संपर्क करबाक बाद भेटल तथ्य केर आधार पर अपने सभके क' कहे चाहैत अछि कि "दहेज मुक्त भारत" संस्था द्वारा चलाओल जे रहल अभियानक पाछू भ' रहल अछि "चंदा केर धंधा" बला खबैर म' टीम क' कोनो तथ्य हाथ नहि लागल जाहिक आधार पर सावित कायल जे कि कुनू भी तरहक फंड अनिल मिश्र अप्पन व्यक्तिगत खाता म' मंगौलनि। 

ई गप सावित भेल अछि कि बिना पंजीकरण के ई सभगोटे वैदेही नामक खाता खोला सदस्यता अभियान वा आन माध्यम सँ फंड एकत्रित केलनि जाहि म' दुनू पक्ष शामिल छथि। जता धरी अनिल मिश्र कहैत छथि जे संस्थाक कर्ज चुकेबाक लेल एहि तरहे फंड एकत्रित कायल गेल ई गप गलत अछि। 

बहुत कम लोग क' बुझल हेतनि जे "दहेज मुक्त भारत" द्वारा किछु माह पहिने मुंबई म' अभ्यास पुस्तिका केर वितरण कार्यक्रम केर आयोजन कायल गेल छल, आओर अपने क' बता दी ओहि आयोजन म' आयोजन के कुल खर्च 106400 टाका केओ गोटा गुप्त दान देना रहथिन सेहो सीधा दोकानदार के। आब सवाल ई उठैत अछि जखन संगठन के गुप्तरूपे एतेक नमहर फंड केर सहयोग प्राप्त भ' जायत अछि तखन गैरकानूनी (बिना पंजीकरण) रुपे फंड जमा करबाक दरकार ?

ऐता इयो बता दी की रथयात्रा म' सेहो फंड केर दुरूपयोग सावित भेल अछि। किएक जे सभकियो अलग - अलग रुपे मनमाना अपना मुताविक खर्च केलनि, जखन कि ई खर्च किनको एक केर हाथे होयबाक चाही। जाहिके अपने एहि सिसाब म' देख सकैत छी। 







आगू इयो बात सत्य अछि कि संस्था म' अप्पन अप्पन वर्चस्व आओर दबदबा बनेबाक लेल सभ कियो एक दोसर क' नीचा देखेबा पर अड़ल छथि। संगहि जेना आन संगठन के हाल होयत अछि ओहि राह पर "दहेज मुक्त भारत" सेहो अग्रसर अछि। अपने क' बता दी "दहेज मुक्त मिथिला" के किछु सदस्य "दहेज मुक्त भारत" ठाढ़ केला आब खबैर आएब रहल अछि जे "दहेज मुक्त भारत" के किछु सदस्य "दहेज मुक्त भारत अभियान" ठाढ़ करबाक प्रक्रिया म' लागल छथि। 

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