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भागलपुर। 22 फरवरी। बिहार मे जहिया सँ महागठबंधन केर सरकारक गठन भेल अछि तहिये सँ एहि सरकार मे शामिल तीन दल जेडीयू -आरजेडी आओर कांग्रेस के विधायक सभक अलग अलग रंग देखबाक लेल भेट रहल अछि। सरकार बनलाक बाद एक के बाद एहि पार्टी सभक विधायक द्वारा कायल गेल घोटाला सामना आइब रहल अछि। ऐसी करतूतक कारण सुशासन बाबू नीतीश कुमार के माथ शर्म से नीचा झुकी गेल अछि। आब एक नियुक्ति घोटाला सामना आयल अछि।

नियुक्ति घोटाला के आरोप जदयू विधायक मेवालाल चौधरी पर लागल अछि। आरोप अछि कि मेवालाल चौधरी अप्पन कार्यकाल केर दौरान विश्वविद्यालय नियुक्ति के नाम पर घोटाला करैत 80% से बेसी नौकरि बिहार के बाहरक छात्र सभके देलैन्ह। अपने के बता दी कि मेवालाल चौधरी सबौर कृषि विश्वविद्यालय मे बतौर कुलपति के पद पर कार्यरत छैथ। 

एहि घोटाला के दौरान ई देखबाक लेल भेटल कि जाहि छात्र सभके हुनकर पीपीटी (पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन) के आधार पर ऐकेडमिक अंक कम छल हुनका पीपीटी आओर साक्षात्कार मे 100% अंक द' देल गेल छल। ओतहि  दोसर दिस पीपीटी आयोजिते नहि कराया गेल छल। संगहि जाहि छात्र सभक ऐकेडमिक क्वॉलिफ़िकेशन बढ़िया छल हुनका साक्षात्कार आओर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन मे 1% से सेहो कम अंक देल गेल छल। ई घटना प्रकाश मे अएबाक बाद पक्ष विपक्ष दुनु पार्टि के बीच घमासान शरू भ' गेल अछि। 

ओतहि एहि घोटाला ल'के बीजेपी के बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी आरोप लगौलन्हि कि एहि घोटाला मे खूब पाय के खेल खेलल गेल अछि। एहि घोटाला ल'के सरकार एखन धरी चुपी साधने अछि। संगहि जखन एहि बाबत आरोपी विधायक से बात कायत गेल ते ओहो बात के टारैत बाद मे जानकारी देबाक बात कहलैन्ह।

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