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मुम्बई। 16 दिसम्बर। एटीएम के बाहर नमहर लाइन कैश केर कमी सँ नहि बल्कि बैंक सभक भेदभावपूर्ण रवैया केर कारण लैग रहल अछि। एक अधिकारी कहला कि रिजर्व बैंक से बैंक सभ के कैश भेट रहल अछि आर बैंक ओहि कैश के एटीएम म' देबाक बजाय अपना लग राखैत अछि ताकि अप्पन धनी ग्राहक सभ के द' सके।

देशभरी के एटीएम नेटवर्क क' मैनेज आर ओहि में कैश ट्रांसपॉर्ट करै बला कंपनि सभक कहब अछि कि रिजर्व बैंक द्वारा सिस्टम म' जतेक करेंसी  सप्लाई कायल जायत अछि ओहिके 10 फीसदी सँ कम करेंसी भेट रहल अछि।  देश म' तकरीबन 2.2 लाख एटीएम म' नबका करेंसी नोट निकालबाक लेल  सुधार कायल गेल अछि, लेकिन करेंसी क' बैंक अपना लग राखी रहल अछि जाहि कारण से एटीएम म' कैश नहि डालल जे रहल अछि। लोग सभक परेशानी दूर करबाक लेल बैंक सभ क' सरकार  चेतावनी देना अछि जे एहितरहक प्रक्रिया नहि अपनाबैत एटीएम म' सेहो  कैश उपलब्ध कराओल जाय। 

आर्थिक मामला के सचिव शशिकांत दास कहला कि एटीएम म' पैसा डालबाक बजाय बैंक अप्पन ग्राहक सभ के सेवा द' रहल अछि। ज्यादातर एटीएम चैल रहल अछि। ई कहब सही नहि अछि कि केवल 13 फीसदी एटीएम काज क' रहल अछि।

बड़का एटीएम नेटवर्क क' मैनेज करै बला एक कंपनी के एक अधिकारी नाम जाहिर नहि करबाक शर्त पर कहला कि शुरू म' मशीन म' कैश डालबाक लेल कैश नहि भेटैत छल किएक जे सप्लाई म' कमी छल, लेकिन आब कैश केर सप्लाई बहुत बढ़ल अछि लेकिन देश के एटीएम म' एखनो सुखा पड़ल अछि। ऐहिक कारण ई अछि कि बैंक कैश अपना लग राखैत अछि एटीएम म' नहि दैत अछि।

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