बिहारक कैदी आब जेल सँ फोन पर क' सकता अप्पन परिजन सभ सँ बात - मिथिला दैनिक

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शुक्रवार, 24 जून 2016

बिहारक कैदी आब जेल सँ फोन पर क' सकता अप्पन परिजन सभ सँ बात

पटना। 24 जून। बिहार देशक पहिल राज्य होयत जहि ठाम जेल म' बंद कैदी फोन पर अप्पन परिजन सभ से बात क' सकता। जेल म' बंद कैदी फोन केर माध्यम सँ अप्पन परिजन के संगे संग अप्पन वकील सँ कानूनी राय सेहो ल' सकता। एहि सुविधाक लेल गृह (कारा) विभाग द्वारा तैयारि शुरू क' देल गेल अछि। बिहारक सभ 57 जिला में  कैदि सभ के इ सुविधा अहि बरखक सितंबर सँ भेंटा लागत। कैदि सभ के इ सुविधा देबाक लेल गृह (कारा) विभाग बीएसएनएल केर मदद सँ जेल के भीतर पीसीओ लगेबाक जोगार में अछि।

आईजी जेल आनंद किशोर जी कहला की कैदि सभ के इ सुविधा देबाक लेल गृह (कारा) विभाग  बीएसएनएल क' 9.11 करोड़ टक्काक भुगतान करे जे रहल अछि। जहि सँ बिहार केर  57 जेल म' 105 टेलीफोन बूथ लगाओल जायत। एहि सभ टेलीफोन बूथों पर इनकमिंग कॉल केर सुविधा नै रहत। जेल के टेलीफोन बूथ सँ बात करबाक लेल कैदि सभ के अप्पन परिजन आर वकील केर नंबर जेल प्रशासन क' उपलब्ध करबे परतैन।

कैदी के अप्पन परिजन या वकील सँ बात करबाक लेल पहिने जेल प्रशासन सँ इजाजत लेबा परत। जेल के अंदर बंद कैदी महीना में कैको बेर अप्पन परिजन या वकील सँ बात क' सकैत छैथ। पीसीओ सँ बात करबाक लेल कैदी क' भुगतान सेहो करे परतैन्ह।

आनंद किशोर जी कहला कि जेल के फोन सँ कैदी केर बातचीत पूरा तरहे रिकॉर्ड कायल जायत। संगहि बात चित के दौरान जेल के एक अधिकारी ओहिठाम  मौजूद रहता।