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लास्ट टाइम सजेशन

हम कोनो नौकरीमे सफल नै भऽ सकलहुँ। कारण ई नै छल जे हम काज नै करिऐ तैमे बस आठ घंटाक सुतबाक आदति छल तँए। बिजनेसो नै कऽ सकलिऐ कारण हेड़ा-फेरीमे हम माँजल लोक आ हम ओहूमे हेड़ा-फेड़ी करऽ लगलहुँ तँए ओहो असफल भेल। अंतमे हारि कऽ हम कुंजी लिखऽ बला बनि गेलहुँ। ने पूँजी लागल आ ने किछु सोलहो आना हेडा-फेरी। मोन बड़ लागल हमर ऐमे। हमर दिनानुदिन तरक्की भेल ऐ क्षेत्रमे जकर फलस्वरूप हम महान कुंजीकार बनि गेलहुँ। प्रस्तुत अछि हमर एकटा कुंजी---


प्रिय विद्यार्थी गण,


हम अपने लोकनिक समक्ष ई लास्ट टाइम सजेशन राखि रहल छी। आशा अछि जे ऐसँ अहाँ सभकेँ लाभे-लाभ भेटत। ओना हम पाठ्यपुस्तक सेहो लीखि सकैत छलहुँ मुदा नै लिखलहुँ कारण जे बिकाइत नै अछि किएक तँ अहाँ सभ खाली सजेशने केर माँग करैत छिऐ। तँइ हम अपने लोकनिक सामने ई प्रस्तुत कएल। बंधुगण ऐ सजेशनमे मात्र बीस गोट प्रश्न उत्तर सहित अछि। एकर अध्ययन केलासँ पास करबे टा करब से हमर गारंटी अछि। डीवीजन एनाइ कोनो आवश्यक नै संगहि संग हम ईहो कहब जे ई सजेशन कोर्से नै व्यावहारिक जीवनमे सेहो काज देत। तँ आउ अध्ययन करी ऐ लास्ट टाइम सजेशन केर।


इति शुभम


1) नेताक परिभाषा दिअ-
नेता ओहन लोककेँ कहल जाइत छै जे लेबा बेरमे सभसँ आगू आ देबा बेरमे सभसँ पाछू रहैत अछि।
2) नेता आ जनताक बीच केहन संबंध छै-
जेना पानिमे तेल घोरल हो। दूनू एकैठाँ देखाएत मुदा दूनूक अलग-अलग अस्तित्व।
3) ठेकेदारपर संक्षिप्त टिप्पणी दिअ-
कोनो बनैत चीजक नेओं कमजोर कऽ जे अपन नेओं मजगूत करथि से ठेकेदार कहाबथि छथि।
4) डाक्टर के छथि-
डाक्टर ओ लोक छथि जे बेमारीकेँ तेना ने हटाबथि जे आदमी संसारिक आवागमनसँ मुक्त भऽ जाए। वस्तुतः डाक्टर महान योगी होइत छथि जे की साधारण साधककेँ सोझें मोक्षक बाट बतबैत छथि।
5) उच्च अधिकारीक दू काजक वर्ण करू-
a) ओ घूस लै छथि,
b) स्वंय नियम बना तोड़ै छथि।
6) पुलिसक दू काजक वर्णन करू-
a) ओ अपराधी आ दुष्टक रक्षा करै छथि,
b) फुसिक सबूतसँ निर्दोषकेँ फँसबै छथि।
7) बेसबाक परिभाषा प्रस्तुत करू-
बेसबा ओ नै जे पेटक भूख लेल देह बेचैत हो। बेसबा तँ ओ अछि जे बेसी पाइ लेल देह बेचैत अछि।
8) जनताक संक्षिप्त काजक वर्णन करू-
a) ओ पाइ लऽ कऽ भोट खसबैत छथि,
b) अपन अधिकारक प्रति निष्चेष्ट रहि आनक अधिकारक उपभोग करै छथि।
9) हीरो किनका कहि सकैत छिअनि-
हीरो ओ छथि जे की फिल्ममे दुष्टक संहार करै छथि मुदा असल जीवनमे ओकरा संग दोस्ती रखने रहै छथि।
10) मनुख आ कूकूरमे की अंतर-
अंतर अतबए जे मनुख स्वर्थक पूर्ति लेल अपन माए सेहो बेचि सकैए मुदा कूकूरसँ से संभव नै।
11) सज्जनक दू टा लक्षण प्रस्तुत करू-
a) ओ एकौट होथि,
b) समाज हुनका बताह कहैत होइन।
12) पुजारी किनका कहि सकैत छिअनि-
पुजारी ओ छथि जे मंत्रक सस्वर पाठ करैत स्वार्थक मानसिक पाठ करैत होथि।
13) संन्यासीक दू टा लक्षण प्रस्तुत करू-
a) संन्यासी मठ आ कामिनी लेल बंदूको निकालि सकै छथि,
b) अपने ज्ञान होइन की नै होइन मुदा अपना नामक आगू जगतगुरू लगबैत छथि।
14) साहित्यकार के छथि-
साहित्यकार ओहन लोककेँ कहल जाइत छै जे की टका ओ पुरस्कारक लेल वाग्विलास करै छथि। जे खाली अपने लिखलकेँ पढ़ि-पढ़ि कऽ अनका सुनाबथि आ अनकर लिखलकेँ पढ़बे नै करथि तिनको साहित्यकार कहल जाइत छै। ओना संसारमे किछु एहनो साहित्यकारक प्रजाति अछि जे अपने आगू बढ़बाक लेल अपस्याँत रहत मुदा सदिखन दोसरकेँ छिटकी मारि कऽ।
15) जनपथ आ राजपथमे की अंतर छै-
जै बाटपर गरीब चलै छै तकरा जनपथ आ पाइ बला लोकक बटाकेँ राजपथ कहल जाइत छै।
16) ओकील के छथि-
ओकील हुनका मानल जाए जे टका लऽ कऽ एक आदमीक माध्यमें दोसर आदमीक छातीमे कील ठोकै छथि।
17) न्यायाधीश हेबाक मापदंड की अछि-
जे न्यायपर आधीश भऽ ओकरा अपना इच्छे मोड़ि सकए से न्यायधीश भऽ सकै छथि।
18) की बेपारीके बेपार विशेषज्ञ बूझल जाए-
बुझि सकै छी कारण हुनकर पार पेनाइ सभसँ संभव नै।
19) गुरू आ शिक्षकमे की अंतर थिक-
गुरू ज्ञान दऽ कऽ बौआ दै छथि आ शिक्षक बिना ज्ञान देने।
20) विद्यार्थी के थिकाह-
ओ बालक जे अनर्थसँ अर्थ आनि धर्म, काम ओ मोक्षक प्राप्ति करै छथि से विद्यार्थी भेला।

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