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हिंदी साहित्‍य संसार: उदयनाचार्य मिथिला पुस्‍तकालय और सूरज प्रकाश
नीक आदमी कत' नइ मिलै छैक ।अहॉक चिरपरिचित मंडली मे वा एकदम अपरिचित व्‍यक्ति ,जे अहॉक साथ देबाक लेल आबि जेता ।कखनो कखनो आश्‍चर्यचकित करैत ।
हिनके लिय' ,ई छथि सूरज प्रकाश जी ,देहरादूनक निवासी आ मुंबई मे रहनिहार ,मुदा देशक सूदूर पूरब मे रहनिहार लोक वेद क प्रति तेहने संवेदनशील ।सक्रिय एते कि संक्षिप्‍त बातचित आ संपर्क क बावजूद दू तीनिए दिन मे अपन संग्रहक महत्‍वपूर्ण तीन सौ किताब हमरा भेज देला ,गामक पुस्‍तकालयक लेल ।

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