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ई अछि हमर परिचयरुपी कविता,
ई अछि हमर प्रेमपरागक सरिता,
धन्य धन्य अछि भाग्य हमर,
जन्म लेलौ हम मिथिलाधाम में,
बास अछी हमर पावनभूमि धिरापुर गाम में,
स्वर्ग स सुन्दर आनन्द बरसैय,अई मिथिलाधम में,
धिरापुर केर धिरेस्वरमहादेव छैथ बड़ ओढरदानी,
हम बालक प्रभात अबोध अज्ञानी,
पिता गंगेस्वर छैथ ईश्वर के स्वरूप ,
माता गायत्री ममता स भरल देवीक रुप,
भातृत्व प्रेमक प्रतिक प्रकाश प्रभात प्रविन,
सब भाई मे अछी आदर सत्कार स्वाभिमान नबिन,
सुन्दर सरल सुशिल शालीन बहिन आशा,
धन्य धन्य अछि भाग्य हमर पुरा भेल अभिलाषा ,
भौजी सद्खन ममता स भरल स्नेह बर्सबैय,
भावो भावनात्मक बत्सल स्नेह बच्चा सब मे बटैय,
हमर मन उप्वनमें बास करैय चन्द्रबदन पत्नी पुनम,
सोन स सुन्दर सरल शुशिल बेट्टी अछी स्वर्णिम,
सत्यमार्गी संतान तेज्स्व्बी बेट्टा अछी सत्यम ,
धन्य धन्य अछि भाग्य हमर जन्म लेलौ मिथिलाधाममें!

रचनाकार:-प्रभात राय भट्ट, पिता :-गंगेस्वर राय, माता :-गायत्री देवी, ग्राम :-धिरापुर -महोतरी, अस्थाई बसोबास :-जनकपुरधाम - नेपाल.

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  1. प्रभात भैया,

    अपने पूर्ण परिचय सेहो एक कविताक माध्यम सँ जैन के बहुत ख़ुशी भेल..

    एहि परिचय रूपी कविताक लेल बहुत - बहुत धन्यवाद...

    उत्तर देंहटाएं
  2. Prabhat Jee, ahank kavita sa ahank parichay....ham apan bachapan me laut gelahun...hamhun ahina likhait chalaohn.....Sailik sahaj prabah .....Snehak aa sahajtak sundar mel ai ahank kavita me.

    उत्तर देंहटाएं

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