ढहैत भावनाक देबाल - मिथिला दैनिक

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शुक्रवार, 30 जनवरी 2009

ढहैत भावनाक देबाल

ढहैत भावनाक देबाल

खाम्ह अदृढ़ताक ठाढ़



आकांक्षाक बखारी अछि भरल

प्रतीक बनि ठाढ़

घरमे राखल हिमाल-लकड़ीक मन्द्इर आकि

ओसारापर राखल तुलसीक गाछ

प्रतीक सहृदयताक मात्र ।



मोन पाड़ैत अछि इनार-पोखरिक महार,

स्विमिंगपूलक नील देबाल, बनबैत पानिकेँ नील रंगक ।

मोनक रंगक अदृश्य देबाल

ढहैत

खाम्ह अदृढ़ताक ठाढ़

बहैत।